कोचिंग और हॉस्टल की शिकायत करने से डरते हैं? AcademyCheck बनेगा आपकी आवाज
जानें कि AcademyCheck कैसे माता-पिता और छात्रों को कोचिंग, डाउट क्लास, हॉस्टल के खाने, सुविधाओं और अन्य समस्याओं को बिना डर अपनी बात रखने का सुरक्षित मंच प्रदान करता है।
Kiran

नमस्ते आप सभी को,
मैं किरण सैनी, अकैडमीचेक (AcademyCheck) की डायरेक्टर हूँ।
आज मैं आपके साथ अपने जीवन का एक बेहद सच्चा और दिल छू लेने वाला किस्सा साझा करना चाहती हूँ। यह एक ऐसी घटना है, जो आज भी जब मुझे याद आती है, तो मेरी आँखें नम हो जाती हैं। लेकिन उसी पल, मुझे खुद पर और अकैडमीचेक पर बहुत गर्व भी महसूस होता है।
मैंने यह प्लेटफॉर्म उन लाचार माता-पिता और मासूम बच्चों के लिए बनाया है, जो कोचिंग और स्कूलों की मनमानी के सामने खुद को अकेला पाते हैं। अकैडमीचेक सिर्फ एक ऐसी वेबसाइट नहीं है जहाँ आप एक बेस्ट कोचिंग या स्कूल ढूंढ सकें; हम आपके साथ तब से खड़े होते हैं जब आप एडमिशन के लिए भटक रहे होते हैं, आपकी फीस कम कराने (नेगोशिएट करने) में मदद करते हैं, और एडमिशन के बाद भी लगातार आपका फॉलो-अप लेते हैं। हमारा काम सिर्फ एडमिशन तक नहीं है। अगर एडमिशन के बाद बच्चे को कोचिंग के अंदर कोई भी दिक्कत आ रही है, तो आप बिना किसी डर के अकैडमीचेक को बताएं।इस किस्से को सुनाते हुए मेरी आँखें इसलिए भर आती हैं, क्योंकि यह सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं है। आज भारत के हर कोने में हज़ारों बच्चों के साथ यही हो रहा है।
कुछ दिनों पहले की बात है, हमारे स्टूडेंट सपोर्ट डेस्क पर एक फोन आया। फोन करने वाले एक बेहद परेशान और डरे हुए पिता थे। उनके बेटे ने हाल ही मे सीकर (Sikar) के एक बहुत बड़े और मशहूर कोचिंग इंस्टीट्यूट में IIT-JEE की तैयारी के लिए एडमिशन लिया था।
उनकी आवाज़ में एक अजीब सी घबराहट थी। उन्होंने हमारी टीम से कहा, "प्लीज, मुझे अपनी मैडम से बात करवा दीजिए, मुझे बहुत ज़रूरी बात करनी है
उनकी परेशानी को समझते हुए मेरी टीम ने वो कॉल तुरंत मुझे ट्रांसफर कर दिया। जैसे ही मैंने फोन उठाया, उस पिता का गला भर आया। उन्होंने मुझसे कहा:"मैडम, कोचिंग में पढ़ाई तो ठीक-ठाक चल रही है। पर मेरा बेटा रात को भूखा सोता है क्योंकि हॉस्टल का खाना पत्थर जैसा मिलता है। इसके ऊपर से, पढ़ाई में जो डाउट्स (Doubts) आते हैं, उनके लिए बच्चे को ढाई-ढाई घंटे लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। उसकी सेल्फ-स्टडी का कीमती समय इसी लाइन में बर्बाद हो जाता है।"
उनकी बात सुनकर मैंने बेहद सहजता से उनसे एक सवाल पूछा: "सर, जब आप लाखों रुपये फीस दे रहे हैं, तो आपने कोचिंग मैनेजमेंट या हॉस्टल के वार्डन से इस बात की शिकायत क्यों नहीं की?"
मेरा यह सवाल पूछते ही फोन पर एक गहरा और दर्दनाक सन्नाटा छा गया। जब वो दोबारा बोले, तो उनकी आवाज़ कांप रही थी। उन्होंने कहा:"मैडम, अगर मैंने मैनेजमेंट से शिकायत की, तो वो मेरे बेटे को टारगेट (Target) करने लगेंगे। वो जानबूझकर उसकी बैच बदलकर उसे किसी लोअर बैच में डाल देंगे, या हॉस्टल का स्टाफ उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करेगा। मैं एक सीधा-साधा पिता हूँ मैडम, मैं शिकायत के चक्कर में अपने बच्चे का पूरा करियर और भविष्य दांव पर नहीं लगा सकता।"
उनकी यह बात सुनकर मेरा दिल बैठ गया। भारत में माता-पिता अपनी पूरी ज़िंदगी की कमाई इन कोचिंग सेंटर्स को सौंप देते हैं, और बदले में उन्हें बंधक (Hostage) बनकर रहना पड़ता है, जहाँ वो सच बोलने से भी डरते हैं।
मैंने एक गहरी साँस ली और उन पिता को बहुत ही हौसले के साथ कहा:"सर, आप बिल्कुल चिंता मत कीजिए। अपनी आँखों के आँसू पोंछ लीजिए। अगर आपको यह डर है, तो मैं आपको वादा करती हूँ कि हम कोचिंग वालों के सामने आपके बेटे का नाम या पहचान कभी नहीं आने देंगे। आपका बच्चा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। लेकिन जहाँ तक इन समस्याओं की बात है, इन्हें हम सुलझा कर रहेंगे।"
ठीक उसी पल अकैडमीचेक उस परिवार के लिए एक ढाल बनकर खड़ा हुआ। हमने कोचिंग को कोई ऐसा ऑफिशियल लेटर नहीं भेजा जिससे बच्चे की पहचान उजागर हो। इसके बजाय, हमने अपने प्लेटफॉर्म की ताकत का इस्तेमाल किया।
हमने उस पिता को बिना अपना नाम, ईमेल या फोन नंबर दिखाए, सीकर की उस स्पेसिफिक कोचिंग ब्रांच और हॉस्टल की लिस्टिंग पर 100% एनोनिमस (Anonymous - बिना नाम के) डिटेल्ड रिव्यू और 1-स्टार रेटिंग डालने की आज़ादी दी। जब अकैडमीचेक पर एक साथ कई माता-पिता बिना किसी डर के अपनी आवाज़ उठाते हैं, तो बड़ी से बड़ी कोचिंग मैनेजमेंट को झुकना ही पड़ता है। उन्होंने देखा कि उनकी पब्लिक रेटिंग गिर रही है, जिससे उनके अगले साल के एडमिशन्स पर सीधा असर पड़ेगा।
अपनी साख (Reputation) बचाने के लिए, कोचिंग मैनेजमेंट ने तुरंत डाउट काउंटर्स का समय बढ़ाया और हॉस्टल के मेस वेंडर को बदल दिया और सबसे खूबसूरत बात यह रही कि उन्हें कभी पता ही नहीं चला कि शिकायत किस बच्चे ने की थी।
इस ब्लॉग को पढ़ रहे हर एक स्टूडेंट और पेरेंट से मैं बस इतना ही कहना चाहती हूँ: आपको अब चुपचाप सब कुछ सहने की कोई ज़रूरत नहीं है।
कोचिंग सेंटर्स करोड़ों रुपये खर्च करके चमचमाते होर्डिंग्स लगा सकते हैं, लेकिन वो क्लासरूम और हॉस्टल की जमीनी हकीकत को अब छुपा नहीं सकते। अकैडमीचेक आपक फ्रीडम प्लेटफॉर्म (Freedom Platform) है। यह एक सुरक्षित और निडर जगह है जहाँ आप बिना किसी बैच-शफलिंग, टारगेट होने या मानसिक प्रताड़ना के डर के, अपनी हर समस्या खुलकर लिख सकते हैं।
हम यहाँ इन मल्टी-करोड़ संस्थाओं को जवाबदेह (Accountable) बनाने के लिए बैठे हैं। अगर आपके बच्चे को भी डाउट क्लास के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है, खाना खराब मिल रहा है, या फैकल्टी का व्यवहार ठीक नहीं है, तो अकैडमीचेक पर आकर अपनी आवाज़ उठाइए। आपकी पहचान को गुप्त रखना हमारी सबसे पहली जिम्मेदारी है, और आपकी यही छिपी हुई आवाज़ इस पूरे सिस्टम को बदलने की ताकत रखती है।
जब आप AcademyCheck के जरिए kisi bhi कोचिंग में एडमिशन लेते हैं, तो आपको गारंटीड डिस्काउंट मिलता है, इसके साथ ही, रिफंड की जानकारी भी दी जाती है I
📌 Visit Website: AcademyCheck
📞 Contact Us: 08062179896, 8287604941
🏠 PG/Hostel Inquiry (Sikar): 9319397093
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